जिले में निजी स्कूलों द्वारा मनमाने तरीके से फीस बढ़ाने पर डीएम मेधा रूपम ने बड़ा एक्शन लिया। सूरजपुर कलेक्ट्रेट सभागार में मंगलवार को डीएम की अध्यक्षता में जिला शुल्क नियामक समिति की बैठक हुई, जिसमें निजी स्कूलों द्वारा शैक्षणिक सत्र 2026-27 में फीस वृद्धि, किताबों और यूनिफॉर्म से जुड़े मामले पर चर्चा हुई। बैठक में छह निजी स्कूलों द्वारा निर्धारित सीमा से काफी अधिक फीस बढ़ाने में अनियमिता मिलने और एक स्कूल द्वारा कंपोजिट फीस के अलावा अतिरिक्त वार्षिक शुल्क वसूलने और अपना फीस स्ट्रक्चर सार्वजनिक नहीं किया। डीएम ने सभी स्कूलों के प्रबंधन पर एक-एक लाख रुपये का अर्थदंड लगाया।

बता दें कि नए सत्र की शुरुआत के बाद जिले के विभिन्न निजी स्कूलों के खिलाफ करीब 45 शिकायतें जिला प्रशासन को प्राप्त हुई थीं। इन शिकायतों के आधार पर जिला विद्यालय निरीक्षक (डीआईओएस) कार्यालय ने संबंधित स्कूलों से स्पष्टीकरण मांगा था। स्कूल प्रबंधन द्वारा दिए जवाबों का परीक्षण करने के बाद जिला शुल्क समिति ने सभी मामलों में अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट तैयार कर ली।

जिला विद्यालय निरीक्षक चंदशेखर ने बताया कि जनपद के निजी स्कूलों के द्वारा नए शैक्षिक सत्र में मनमाने तरीके से फीस बढ़ोत्तरी करने और फीस रेग्युलेटरी एक्ट के खिलाफ चीजों को करने पर एक्शन लिया गया है। उत्तर प्रदेश स्ववित्तपोषित स्वतंत्र विद्यालय (शुल्क विनियमन) अधिनियम-2018 के तहत शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए निजी स्कूल अधिकतम 7.23 प्रतिशत ही फीस बढ़ा सकते हैं। ऐसे में कई अभिभावकों ने अलग-अलग स्कूलों की शिकायत दर्ज कराई थी। इस मामले की जांच में सामने आया है कि जिले के छह प्राइवेट स्कूलों ने निर्धारित नियमों को ताक पर रखकर इस सीमा से अधिक फीस वसूली की।

उन्होंने बताया कि बैठक में छह स्कूलों के प्रबंधन के द्वारा नियम के तहत वसूली गई फीस के मामले पर चर्चा करते हुए एक्शन डीएम ने लिया है। पहली बार उल्लंघन मानते हुए एक-एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है। नोएडा के सेक्टर 16 के एपीजे स्कूल, ग्रेनो वेस्ट के स्पर्श ग्लोबल स्कूल, नोएडा सेक्टर 50 रामाज्ञा स्कूल, नोएडा सेक्टर 28 विश्व भारती स्कूल, ग्रेनो वेस्ट के चैतन्य टेक्नो स्कूल और सेंट जोंस स्कूल पर फीस वृद्धि 7.23 प्रतिशत से अधिक होने के कारण एक-एक लाख का जुर्माना लगाया।

समिति ने नोएडा के सेक्टर 21 स्थित विश्व भारती पब्लिक स्कूल द्वारा वर्ष 2025-26 का फीस स्ट्रक्चर अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर अपलोड नहीं किया था, साथ ही वह कम्पोजिट फीस के अलावा छात्रों से अतिरिक्त वार्षिक शुल्क वसूलने पर एक लाख का जुर्माना लगाया है। सभी स्कूल प्रबंधन को नियमों के तहत ही फीस में लेने के लिए निर्देश दिए है।

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