सूरजपुर कोतवाली क्षेत्र के खेड़ी भनौता गांव में गुटखा के विवाद में आईटीबी के हवलदार ने एक दुकानदार को गोली मार दी। लाइसेंसी पिस्टल से चलाई गई गोली दुकानदार के पेट के निचले हिस्से को छूते हुए आर-पार निकल गई। घायल को उपचार के लिए एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। जहां उसकी हालत डॉक्टरों ने खतरे से बाहर बताई है। पुलिस ने परिजन की तहरीर पर मुकदमा दर्ज करते हुए हवलदार को गिरफ्तार कर लिया है। साथ ही उसे अदालत में पेश कर जेल भेज दिया गया है।
जानकारी के अनुसार, खेड़ी भनौता गांव निवासी उदय प्रताप (42) अपने घर के पास दुकान चलाते हैं। करीब डेढ़ बजे उदय अपनी दुकान पर बैठा हुआ था। उसी दौरान सुरेंद्र फौजी गुटखा लेने के लिए दुकान पर पहुंच गया। उस समय दुकान पर ग्राहकों की भीड़ अधिक थी। गुटखा देने में कुछ देर होने पर दोनों के बीच कहासुनी शुरू हो गई। आरोप है कि सुरेंद्र ने गुस्से में अपनी लाइसेंसी पिस्टल निकाल ली। कहासुनी में हुए विवाद के दौरान गाली-गलौज होने पर गोली चला दी। गोली उदय प्रताप के पेट के निचले हिस्से में लगी और आर-पार निकल गई। गोली चलने की सूचना मिलने पर आसपास के लोगों में अफरा तफरी मच गई।
घायल को उपचार के लिए नवीन अस्पताल दादरी में भर्ती कराया। जहां डॉक्टरों ने उसका सीटी स्कैन और अल्ट्रासाउंड किया। जांच के दौरान पेट में गोली नहीं मिली है। घटना के संबंध में उदय प्रताप के परिजनों की तहरीर पर पुलिस ने आरोपी सुरेंद्र फौजी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने घटना में इस्तेमाल की गई लाइसेंसी पिस्टल भी बरामद कर ली है। पुलिस जांच में पता चला है कि आरोपी 12 जुलाई को छुट्टी लेकर घर आया था, जबकि दस अगस्त को उसकी छूट्टी समाप्त होने वाली थी।
सेंट्रल जोन के एडीसीपी स्वतंत्र सिंह ने बताया कि पिस्टल के लाइसेंस को निरस्त कराने के लिए जिला प्रशासन को पत्र भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। साथ ही घटना की जानकारी आईटीबीपी मुख्यालय को भी दी जाएगी, ताकि आरोपी के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जा सके।
वहीं, सूरजपुर कोतवाली प्रभारी ने बताया कि दोनों आपस में दोस्त है। वह उसके साथ ही दुकान पर बैठा रहता था। बताया जा रहा है कि घटना के दौरान नशे में था। जिसके चलते उसने गोली मार दी।
