ग्रेटर नोएडा वेस्ट की सुपरटेक इको विलेज-1 सोसायटी में लोगों के बढ़ते के बाद प्रबंधन ने कॉमन एरिया मेंटिनेंस शुल्क 2.75 रुपये से घटाकर दो रुपये प्रति वर्गफुट किए जाने के बाद निवासियों सवाल खड़े किए है। आरोप है कि चार्ज कम करने के बाद प्रबंधन ने कर्मचारियों और कुछ सेवाओं में कटौती करने का एलान किया है। नई व्यवस्था 21 सितंबर 2026 से लागू की जाएगी। इसके बाद लोगों ने विरोध शुरू कर दिया है।
सोसाइटी निवासी मनीष कुमार, रंजना सूरी भारद्वाज ने बताया कि परिसर में सात हजार परिवार रह रहे है। परिसर में रह रहे हजारों परिवार भले ही चार्ज कम करने के लिए मांग कर रहे है, लेकिन अब चार्ज कम करने के बाद सुविधाओं में कटौती करना उचित नहीं है। कैंपस में सुरक्षा, सफाई और रखरखाव जैसी जरूरी सेवाओं में बदलाव की जानकारी निवासियों को पहले दी जानी चाहिए। आरोप है कि शुक्रवार को प्रबंधन ने रात 9:30 बजे निवासियों को ईमेल, सोसायटी एप और व्हाट्सप्प ग्रुप में मेसेज जारी करके शुल्क में कटौती के बारे में सूचित दी, साथ ही कई चीजों में कटौती करने की बात भी बोली है। निवासियों ने बताया कि रखरखाव शुल्क में कमी होनी चाहिए, लेकिन सुविधाओं में कटौती किसी भी हालत में स्वीकार नहीं है। सुरक्षा व्यवस्था, साफ सफाई व्यवस्था में कटौती से रहना मुश्किल हो जाएगा। आखिर पुलिस ने इतना दबाव क्यों बनाया जब मामला सुप्रीम कोर्ट द्वारा बनाए गए कमिटी के चेयरमैन के पास लंबित है।
पैसे कम करने पर स्टाफ भी कम होगा
मेंटिनेंस एजेंसी ने मेल में लिखा है कि सीएएम शुल्क कम होने के बाद सुरक्षा कर्मचारियों की संख्या 240 से घटाकर 141, सफाई कर्मियों की 128 से 74 और बागवानी कर्मचारियों की 33 से 19 की जाएगी। तकनीकी विभाग में कर्मचारियों की संख्या 162 से घटाकर 88 और प्रबंधन एवं लेखा विभाग में 39 से 27 की जाएगी। कम सीएएम शुल्क के बावजूद सभी जरूरी सेवाएं जारी रखने का प्रयास किया जाएगा। हालांकि, इंटरकॉम और प्रवेश नियंत्रण की रखरखाव सेवाएं बंद करने, सामग्री खरीद और पंप मरम्मत को सीमित करने की योजना है। वहीं, टावर मरम्मत, पेंटिंग, अतिरिक्त सीसीटीवी और गेट चौड़ा करने जैसे विकास कार्य भी रोकने की तैयारी है।
दवाब बनाया,इस कारण एक्शन लिया
इस मामले में मेंटिनेंस कंपनी वाईजी स्टेट के मालिक नितेश अरोड़ा बात करने पर बोले कि कामन एरिया मेंटिनेंस चार्ज से जुड़े मामले में बिसरख कोतवाली पुलिस के साथ बैठक हुई थी,जिसमें उन्होंने बढ़े हुए चार्ज को हर हाल में कम करने के लिए चेतावनी बोले या दबाब बोल सकते है। इस पर संज्ञान लेते हुए मेंटिनेंस टीम ने पैसे कम करने के साथ सुविधा और स्टाफ को कम करने की बात बोली थी। ऐसे में शुल्क को कम करने के साथ ही सुविधाओं में कटौती का प्रस्ताव दिया है। कम पैसे में सभी कार्य करना उचित नहीं है।
