पश्चिमी उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में अपराधियों में खौफ पैदा कर अपराध का खात्मा करने वाले आईपीएस नवनीत सिकेरा का जीवन संघर्षों से भरा रहा है। काफी उतार-चढ़ाव के बीच पुलिसकर्मियों के लिए मजाक बने नवनीत सिकेरा ने खुद कुछ बनने की ठानी और कामयाबी हासिल की। उसी दम पर वह आज भी युवा पीढ़ी को यही सीख देते है कि बड़ा बनना है तो लड़ना नहीं है। रास्ता बदलकर बेहतर भविष्य बनाया जा सकता है।

उत्तर प्रदेश पुलिस के अतिरिक्त महानिदेशक(एडीजी) नवनीत सिकेरा शनिवार को नॉलेज पार्क स्थित केसीसी इंस्टीटयूट ऑफ लीगल एंड हायर एजुकेशन में आयोजित हुए 5वेंं दीक्षांत समारोह में पहुंचे थे। उन्होंने छात्रों को शैक्षणिक डिग्रियां प्रदान करते हुए कहा कि डिग्री हासिल करना एक माध्यम नहीं, बल्कि राष्ट्र के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को समझते हुए बेहतर नागरिक बनने का आधार है। उन्होंने कहा कि जेन जी, जेन अल्फा और जेन बीटा हर पीढ़ी तेजी से आगे बढ़ रही है। युवा शक्ति को लड़ाई की जगह गंगा से सीख लेनी चाहिए कि अगर उसके रास्ते में रुकावट आती है तो वह अपना रास्ता बदल देती हैं। कठिनाई आने पर रास्ते बदलकर आगे बढ़ना ही बेहतर समझदारी है। हर युवा को गंगा से सीख लेनी चाहिए।

उन्होंने एक सवाल के जवाब में कहा कि मुजफ्फरनगर की सीमा से बिजनौर, पानीपत भी लगते थे। तीनों जिलों के रहन-सहन में कोई बदलाव नहीं है, लेकिन अपराध मुजफ्फरनगर में चरम पर था। अपहरण और अवैध शराब का निर्माण एवं तस्करी जोरों पर थी। लोगों में पुलिस की छवि किसी से छूपी नहीं थी। वहां के लोगों से दोस्ताना व्यवहार किया तो, पुलिस अपराध से निपटने में कामयाब हो गई। साथ ही उन्होंने कहा कि भविष्य में नौकरियां कम और काम अधिक होंगे। युवाओं को मार्केट के अनुसार खुद को तैयार करना होगा।

एक घटना ने बदल दी थी तस्वीर
आईआईटी रुड़की से स्नातक करने वाले के सिकेरा किसान परिवार से हैं। उनके पिता को गुंडों से धमकियां मिली और वह अपने पिता के साथ इन गुंडों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने के लिए पुलिस स्टेशन पहुंचे। पुलिस के रवैये से हैरान सिकेरा ने यूपीएससी परीक्षा की तैयारी करने का फैसला किया ताकि पुलिस व्यवस्था में बदलाव कर सके। उस दारान पुलिसकर्मियों ने उनका और उनके पिता का मजाक तक उड़ाया था। आज उन्हीं पर वेब सीरीज भौकाल 2 तक बन चुकी है।

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *