जनपद में यू डायस पोर्टल पर बच्चों की अपार आईडी बनाने की धीमी रफ्तार के कारण बेसिक शिक्षा विभाग ने निजी स्कूलों के प्रबंधन खिलाफ सख्त रुख अपनाया है। अपार आईडी से जुड़े कार्य में लापरवाही बरतने के मामले में एक्शन लेते हुए शुक्रवार को जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने 473 निजी स्कूलों के प्रबंधन और खंड शिक्षा अधिकारी को नोटिस जारी करते हुए स्पष्टीकरण मांगा है, साथ ही जवाब तलब किया है।

बता दे कि केंद्र सरकार की तरफ से राजकीय एवं निजी स्कूलों में पहली से 12वीं कक्षा तक के स्टूडेंट्स की जानकारी एक क्लिक में निकालने के लिए ऑटोमेटिक परमानेंट एकेडमिक अकाउंट रजिस्टर (अपार आईडी) बनाने के निर्देश जारी किए गए थे। यह योजना वन नेशन वन आईडी के तहत चलाई जा रही है। महानिदेशक ने जिले के सरकारी और प्राइवेट स्कूलों के प्रबंधन को अपार आईडी तैयार करने के निर्देश दिए थे,लेकिन कई निजी स्कूल प्रबंधन और सरकारी स्कूल लापरवाही बरत रहे है। एक लाख से अधिक छात्रों की अब तक अपार आईडी नहीं बन पाई है। इसके चलते प्रदेश स्तर पर जनपद की रैंकिंग भी खराब हो गई है। इस पर संज्ञान लेते हुए बेसिक शिक्षा विभाग सख्त रुख अपनाया है।

स्कूलों को नोटिस जारी करके जवाब मांगा
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी राहुल पंवार ने बताया कि अपार आईडी छात्रों की शैक्षिक पहचान से जुड़ी महत्वपूर्ण व्यवस्था है। इसमें विद्यार्थियों की शैक्षिक उपलब्धियों और रिकॉर्ड को डिजिटल रूप से सुरक्षित रखने में मदद मिलेगी। लगातार समीक्षा के बावजूद बड़ी संख्या में छात्रों की आईडी बनाने में स्कूल लापरवाही कर रहे हैं। इस मामले में 473 स्कूलों के प्रबंधन और खंड अधिकारी को नोटिस जारी किय़ा है। इसके साथ ही सभी से अपार आईडी बनाने में हो रही लापरवाही का जवाब मांगा है। चेतावनी दी है कि 30 अगस्त तक कार्य पूरा न होने पर इनका यू डाइस कोड बंद करने के साथ ही विभागीय एक्शन लिया जाएगा।

बिसरख और दादरी ब्लॉक की खराब
आलम ये है कि बिसरख और दादरी ब्लॉक में काफी संख्या में निजी स्कूल संचालित हो रहे है। ऐसे में दोनों ब्लॉक में बच्चों की अपार आईडी बनाने के काम में विभागीय अधिकारियों की निगरानी के बाद भी लापरवाही बरती जा रही है। बिसरख और दादरी ब्लॉक के कई निजी स्कूलों के बच्चों की अपार आईडी बनाने कार्य 50 फीसदी तक पूरा नहीं हुआ है,जोकि व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े कर रहा है।

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