ग्रेटर नोएडा में जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग के परिसर में खाली पड़ी जमीन पर किए जा रहे बहुमंजिला भवन के निर्माण को प्राधिकरण ध्वस्त करेगा। कार्रवाई के दौरान शांति व्यवस्था के लिए जिलाधिकारी से पुलिस बल की मांग की गई है। प्राधिकरण की एसीईओ ने इस संबंध में शनिवार को पत्र लिखा है।
बता दे कि 7 मई को प्राधिकरण ऑफिस में जनसुनवाई के दौरान सीनियर अधिकारी को लिखित शिकायत मिली थी कि कुछ लोगों ग्राम सूरजपुर के खसरा संख्या/गाटा संख्या-609 पर बहुमंजिला भवन बनाकर दुकान व फ्लैट बेचे जा रहे हैं। इस पर परियोजना विभाग के अधिकारियों ने मौके का निरीक्षण किया। जांच में पाया गया कि अवैध निर्माण प्राधिकरण की अधिसूचित व अधिग्रहित और कब्जा प्राप्त जमीन पर किया जा रहा है। अवैध निर्माण जिस स्थान पर किया जा रहा है,वह जिला उपभोक्ता विवाद परितोष आयोग के परिसर में स्थित है।
इस पर परियोजना विभाग ने अवैध निर्माण करने वाले आरोपियों को पत्र लिख स्वीकृत मानचित्र डिजाइन की प्रति प्रेषित करने के लिए कहा,लेकिन उनके द्वारा कोई जवाब नहीं दिया गया। जिला उपभोक्ता प्रतितोष आयोग गौतमबुद्धनगर के अध्यक्ष ने भी जिलाधिकारी को अवैध निर्माण के संबंध में पत्र लिखा था। प्राधिकरण की जांच में पाया गया कि जिला न्यायालय की चारदीवारी और जिला उपभोक्ता आयोग के भवन के मध्य कुछ जमीन खाली पड़ी हुई थी। जिला न्यायालय की चारदीवारी में गेट लगाने के बाद कुछ लोगों ने खाली पड़ी जमीन पर निर्माण कार्य शुरू कर दिया है।
ग्रेटर नोएडा की एसीईओ श्रीलक्ष्मी वीएस ने जिलाधिकारी को पत्र लिखा है कि प्राधिकरण की आरक्षित जगह पर अवैध निर्माण किया जा रहा है,जिसे तत्काल ध्वस्त किया जाना आवश्यक है। कार्रवाई के दौरान सीनियर मजिस्ट्रेट और डीसीपी स्तर के पुलिस अधिकारी के साथ पुलिस बल की तैनाती की जाए। महाप्रबंधक परियोजना एके सिंह का कहना है कि अवैध निर्माण को ध्वस्त करने की कार्रवाई की जाएगी। प्राधिकरण की जमीन पर किसी भी तरह का निर्माण अनुमति के बिना नहीं किया जा सकता है।
