भारत में शेल कंपनियां बनाकर हवाला और आर्थिक अपराधों का बड़ा नेटवर्क चलाने के मामले में एसटीएफ ने बड़ी कार्रवाई की है। एसटीएफ ने एक चीन के विदेशी नागरिक समेत तीन आरोपियों को बुधवार रात सेक्टर-93 स्थित पूर्वांचल सिल्वर सिटी से गिरफ्तार किया है। इस मामले में फेस—2 कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया गया है।

एसटीएफ नोएडा यूनिट ने गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान चीनी नागरिक लियाओ लोंगहुई, गाजियाबाद निवासी संजीव कुमार और औरैया निवासी कौशलेंद्र के रूप में की है। लियाओ लोंगहुई साल 2018 में भारत आया था। उसका 2020 में भारत में रहने का वीजा समाप्त हो चुका था। एसटीएफ की जांच में सामने आया था कि सेक्टर-83 स्थित वाईटीएल मैन्युफैक्चरिंग कंपनी को चीनी नागरिक लियाओ लोंगहुई संचालित कर रहा है। वह फर्जी कंपनियों और हवाला नेटवर्क के जरिए सक्रिय था। कंपनी चीन से मोबाइल कवर का कच्चा माल मंगाकर दिल्ली के करोल बाग और नेहरू प्लेस समेत अन्य बाजारों में अंडर-इनवॉयसिंग के जरिए बेचती थी। बची रकम हवाला के माध्यम से चीन भेजी जाती थी।

लियाओ ने कर्मचारियों के दस्तावेजों का दुरुपयोग कर कई शेल कंपनियां बनाईं। इनमें भारत के अलावा हांगकांग में पंजीकृत दो कंपनियां भी शामिल हैं। इन कंपनियों के बैंक खातों का नियंत्रण भी उसी के पास था और उनका इस्तेमाल हवाला व मनी लॉन्ड्रिंग के लिए किया जा रहा था। चार्टर्ड अकाउंटेंट संजीव कुमार की भूमिका की भी गहन जांच की जा रही है।

एसटीएफ ने आरोपियों के कब्जे से पांच लैपटॉप, नौ मोबाइल फोन, टैबलेट, फर्जी आधार कार्ड, दो पैन कार्ड, दो चीनी पासपोर्ट, एक चीनी आईडी, विभिन्न कंपनियों की 10 मोहरें, 11 बैंक चेकबुक, कंपनियों के शेयर व इन्कॉरपोरेशन से जुड़े दस्तावेज, विभिन्न बैंकों के 4.72 करोड़ रुपये के चेक और 15,400 रुपये नकद बरामद किए हैं। जांच में यह भी पता चला कि कंपनी के शेयरधारक रहे रवि कुमार ठक्कर पहले से ही फर्जी दस्तावेजों के मामले में गौतमबुद्ध नगर जेल में बंद हैं। थाना फेस-2 में बीएनएस और विदेशी अधिनियम की विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आगे की जांच की जा रही है।

 

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