ग्रेटर नोएडा में तैनात एक दरोगा को दो बार रेड चीफ कंपनी का जूता खरीदना मंहगा साबित हुआ। आरोप है कि जूते तीन माह से अधिक नहीं चले। कंपनी से शिकायत की गई तो उनकी तरफ से कोई सटीक जवाब नहीं दिया गया। कंपनी की तरफ से हल नहीं निकालने पर दरोगा ने जिला उपभोक्ता आयोग का न्याय के लिए दरवाजा खटखटाया। आयोग ने छह प्रतिशत ब्याज समेत 30 दिन के अंदर 6262 रुपये जूते की एवज में लौटाने के आदेश दिए है।
दरोगा के अधिवक्ता आदित्य भाटी ने बताया कि बिसरख कोतवाली में तैनात धीरेंद्र कुमार ने मार्च 2024 में रेड चीफ का एक जूता 3143 रूपये का खरीदा था। जूते की एक साल की गारंटी दी गई। आरोप है कि तीन माह में ही जूता फट गया। उन्होंने कंपनी से शिकायत कर जूते को ठीक करने की अपील की। कंपनी की तरफ से दुकान जाकर जूता वापस करने के लिए कहा गया। दुकानदार ने कंपनी पर जूता बदलने की बात कहते हुए पल्ला झांड लिया। कई माह बीत जाने बाद भी पीड़ित दरोगा को जूता या फिर पैसे नहीं मिले। जरूरत को ध्यान में रखते हुए पीड़ित दरोगा ने दोबारा से स्टोर से 3119 रूपये के दूसरे जूते खरीद लिए। वह भी ज्यादा दिन नहीं चले।
सके बाद स्टोर संचालक ने उस जूते को भी वापस करने के लिए इनकार कर दिया। अब दरोगा ने परेशान होकर स्टोर संचालक की मनमानी के खिलाफ आयोग में वाद दायर किया। ऐसे में दुकानदार को नोटिस जारी कर पेश होने का आदेश दिया गया। आयोग ने सेवा में कमी को देखते हुए छह प्रतिशत ब्याज के साथ 6262 रुपये देने के आदेश दिए। साथ ही एक हजार रुपये मानसिक संताप और वाद व्यय के देने होंगे।
