ग्रेटर नोएडा वेस्ट की राधा स्काई गार्डन सोसाइटी की पांचवीं मंजिल से 21 वर्षीय युवक ने कूदकर आत्महत्या कर ली। किसी बात पर विवाद होने पर उसने मां पर पहले चाकू से हमला किया। सूचना मिलने पर पहुंची बिसरख कोतवाली पुलिस से परिजनों ने पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर दिया। पुलिस ने बाद में उसे समझा—बुझाकर उसका पोस्टमार्टम कराया है।
जानकारी के अनुसार, बिसरख के पतवाड़ी गांव निवासी 21 वर्षीय सागर यादव पुत्र अनिल यादव अपने परिजनों के साथ राधा स्काई गार्डन सोसाइटी के फ्लैट नंबर 1804 में रहता था। साथ में उसके माता—पिता और छोटा भाई रहता है। शुक्रवार को पुलिस को सोसाइटी में किसी युवक के नीचे गिरने की सूचना मिली थी। मौके पर पहुंची पुलिस ने छानबीन शुरू की, तो सामने आया कि सागर यादव मानसिक रूप से पूरी तरह स्वस्थ नहीं था। उसका पहले किसी बात को लेकर अपनी मां से विवाद हुआ था। मां—बेटे में कहासुनी हो गई। बात इतनी बढ़ी कि सागर ने अपनी मां पर चाकू से हमला कर दिया। घटना में वह घायल हो गईं।
मां पर हमला करने के बाद सागर 18वीं मंजिल पर स्थित अपने फ्लैट से नीचे आया। वह सोसाइटी की पांचवीं मंजिल से नीचे छलांग लगा दी। घटना के बाद स्थानीय लोगों ने उसे सीपीआर देकर जान बचाने का भी प्रयास किया। लेकिन वह सफल नहीं हो सके। पुलिस ने घायल को पास के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया। जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। उधर, सागर की मां खतरे से बाहर बताई जा रही हैं। पुलिस ने बताया कि पहले तो परिजनों ने पोस्टमार्टम के लिए इनकार कर दिया। किसी तरह समझा—बुझाकर उसका पोस्टमार्टम कराया गया है। घटना के संबंध में परिजनों से पूछताछ की जा रही है।
सेंट्रल जोन के एडीसीपी स्वतंत्र सिंह ने बताया कि युवक मानसिक रूप से परेशान रहता था। उसकी मां से घरेलू विवाद में कहासुनी हुई। उसके बाद युवक ने अपनी मां को घर में सब्जी काटने वाले चाकू से वार कर दिया। परिजनों की तरफ से कोई तहरीर नहीं दी गई है। सभी पहलुओं से जांच की जा रही है। परिजनों से भी पूछताछ की जा रही है।
गजरौला में रहता था परिवार
ग्रामीणों के मुताबिक, अनिल यादव पहले गजरौला में रहते थे। वहां भाई के साथ मिलकर गैंस एजेंसी और प्रॉपर्टी का काम करते थे। दोनों भाईयों में बंटवारा होने के बाद वह परिवार के साथ राधा गार्डन सोसाइटी में परिवार के साथ करीब दो साल पहले आकर रहने लगे। साथ ही प्रॉपर्टी का काम करने लगे। चर्चा यह भी है कि मृतक ने दो ऐप बनाए थे। जिन्हें करीब 28 और 30 लाख में बेचा था।
