नॉलेज पार्क स्थित इंडिया एक्सपो मार्ट में जीएनआईओटी कॉलेज की तरफ से आयोजित नवांकुर 2026 का आयोजन किया जा रहा है। बुधवार को आयोजित कार्यक्रम में पूर्व केंद्रीय मंत्री और सांसद अनुराग सिंह ठाकुर पहुंचे।
उन्होंने कहा कि संस्थान में छात्र केवल डिग्री हासिल करने के लिए नहीं आए हैं, बल्कि उन्हें अपने व्यक्तित्व, सोच, नेतृत्व क्षमता और भविष्य को आकार देने का अवसर मिला है। कम्पीटिशन के आज के दौर में केवल डिग्री हासिल करना पर्याप्त नहीं है। बड़े लक्ष्य निर्धारित कर उसे हासिल करने के लिए निरंतर मेहनत करनी चाहिए। वर्तमान समय में तकनीक, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, डिजिटल परिवर्तन और वैश्विक प्रतिस्पर्धा ने कार्य करने के तरीकों में तेजी से बदलाव किया है।

ऐसे में छात्रों को सिलेबस तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि उन्हें नई तकनीकों को समझने, नए विचारों को स्वीकार करने, प्रश्न पूछने और लगातार सीखने की आदत विकसित करनी चाहिए। जीवन की परीक्षा किसी निर्धारित पाठ्यक्रम के अनुसार नहीं होती, बल्कि वास्तविक चुनौतियों के लिए स्वयं को तैयार करना चाहिए। उन्होंने छात्रों को जिज्ञासु बनकर सीखने की प्रेरणा दी है।
युवाओं की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा कि भारत आज विकास और परिवर्तन के महत्वपूर्ण दौर से गुजर रहा है और देश की सबसे बड़ी शक्ति उसकी युवा आबादी है। युवाओं को केवल नौकरी तलाशने वाला नहीं, बल्कि रोजगार सृजित करने वाला, नवाचार करने वाला और समाज की समस्याओं के समाधान खोजने वाला युवा बनना चाहिए।
बिहार के बक्सर से विधायक एवं पूर्व आईपीएस अधिकारी आनंद मिश्रा ने नेतृत्व, अनुशासन, दृढ़ संकल्प और सामाजिक जिम्मेदारी के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी जीवन केवल डिग्री प्राप्त करने का समय नहीं, बल्कि चरित्र, दृष्टिकोण और नेतृत्व क्षमता विकसित करने का सबसे महत्वपूर्ण चरण है।
उन्होंने कहा कि कॉर्पोरेट जगत में भी वही व्यक्ति लंबे समय तक सफल रहता है जो कठिन परिस्थितियों में शांत रहकर निर्णय ले सके, टीम को साथ लेकर चल सके और लगातार सीखने की क्षमता रखता हो। उन्होंने विद्यार्थियों से असफलताओं से घबराने के बजाय उन्हें सीखने का अवसर मानने की अपील की।
जीएनआईओटी ग्रुप के अध्यक्ष डॉ. राजेश कुमार गुप्ता ने नवप्रवेशित विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि प्रबंधन शिक्षा का उद्देश्य केवल डिग्री प्रदान करना नहीं, बल्कि ऐसे युवा तैयार करना है जो नेतृत्व करने, नवाचार को अपनाने और समाज एवं राष्ट्र के विकास में योगदान देने में सक्षम हों।
