जेवर में साल 2021 में चुनावी रंजिश के चलते की गई तत्कालीन बीडीसी सदस्य के पिता की गोली मारकर हत्या करने के मामले में सत्र अदालत ने आरोपी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही उसपर 50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। जुर्माना न भरने पर आरोपी को एक साल का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
अभियोजन पक्ष के अनुसार, 14 मई 2021 को भवोकरा गांव निवासी इंद्रपाल की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। उस दौरान वह घर के बाहर अशोक व अन्य ग्रामीणों के साथ बैठे हुए थे। चुनावी रंजिश को लेकर पूजा, महावेरी, आकाश और अनुज के बीच विवाद शुरू हो गया। आरोप है कि कहासुनी के दौरान पूजा और महावेरी के उकसाने पर आकाश ने इंद्रपाल के सीने में दो गोलियां मार दीं। गंभीर रूप से घायल इंद्रपाल की मौके पर ही मौत हो गई।
परिजनों की तहरीर पर आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की थी। सुनवाई के दौरान विशेष लोक अभियोजक ने अदालत के समक्ष पोस्टमार्टम रिपोर्ट, विवेचना के दौरान जुटाए गए साक्ष्य, गवाहों के बयान और अन्य दस्तावेज प्रस्तुत किए। अभियोजन ने दलील दी कि आरोपी ने सुनियोजित तरीके से हत्या की है, इसलिए उसे कठोरतम सजा दी जानी चाहिए। सुनवाई के बाद सत्र अदालत ने मुख्य आरोपी आकाश को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।
रिपोर्ट के अनुसार अत्यधिक रक्तस्राव और शॉक के कारण इंद्रपाल की मृत्यु हुई थी। सभी साक्ष्यों और परिस्थितियों पर विचार करने के बाद अदालत ने आरोपी आकाश को हत्या का दोषी मानते हुए आजीवन कारावास और 50 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। अदालत के इस फैसले को बहुचर्चित हत्याकांड में महत्वपूर्ण न्यायिक निर्णय माना जा रहा है।
